Breaking News
मोदी सरकार में बिहार को रेलवे की नई ताकत:रेल बजट नौ गुना बढ़ा,हाईस्पीड कॉरिडोर से बदलेगी कनेक्टिविटी
बिहार में जमीन दस्तावेजों का डिजिटल युग:1908 से अब तक की रजिस्ट्री एक क्लिक पर,दफ्तरों के चक्कर खत्म
बजट 2026-27: ‘शी मार्ट’ से जीविका दीदियों को मिलेगा नया बाजार, बिहार बन सकता है महिला उद्यमिता का हब
कैथी लिपि के दस्तावेज अब नहीं बनेंगे सिरदर्द, सरकार ने तय किया रेट और उपलब्ध कराए प्रशिक्षित अनुवादक
समस्तीपुर जिले के अपर जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने गणतंत्र दिवस पर जिलेवासियों को दी हार्दिक शुभकामनाएं
निष्ठा, सेवा और स्मृतियों से सजी विदाई: आचार्य विजयव्रत कंठ को भावभीनी सम्मान-समारोह में दी गई विदाई
समृद्धि यात्रा का सातवां पड़ाव: मुजफ्फरपुर को 850 करोड़ की विकास सौगात देंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
बिहार-झारखंड कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार, एनएच-333ए बनेगा 190 किमी फोर लेन, 11 बड़े जंक्शन प्रस्तावित
- Reporter 12
- 19 Jan, 2026
शेखपुरा सहित बिहार के कई जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बरबीघा से पंजवारा तक जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-333ए को फोर लेन में बदलने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस परियोजना से बिहार और झारखंड के बीच आवागमन न केवल सुगम होगा, बल्कि व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई मजबूती मिलेगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा स्वीकृत इस योजना के तहत कुल 190 किलोमीटर लंबी सड़क को आधुनिक मानकों के अनुसार विकसित किया जाएगा। जानकारी के अनुसार यह सड़क बरबीघा, शेखपुरा, जमुई और बांका जिलों से गुजरते हुए झारखंड से सीधा संपर्क स्थापित करेगी। शहरी इलाकों में सड़क की चौड़ाई 25 मीटर और ग्रामीण खुले क्षेत्रों में 40 मीटर तक रखी जाएगी। भविष्य में यह हाईवे भागलपुर से हंसडीहा जाने वाले एनएच-131ई से भी जोड़ा जाएगा, जिससे पूर्वी बिहार का सड़क नेटवर्क और मजबूत हो जाएगा। परियोजना के तहत बरबीघा के श्रीकृष्ण चौक के पास से फोर लेन का कार्य शुरू होगा, जो जिला मुख्यालय होते हुए चेवाड़ा प्रखंड के सियानी मोड़ तक लगभग 33.8 किलोमीटर की लंबाई में विकसित किया जाएगा। इसके बाद यह मार्ग लखीसराय होते हुए जमुई जिले में प्रवेश करेगा और अंततः बांका के पंजवारा तक पहुंचेगा। भू-अर्जन विभाग ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सड़क किनारे की भूमि का सर्वे पूरा कर लिया गया है और प्रभावित रैयतों को मुआवजा भुगतान के लिए कैंप लगाए जा रहे हैं। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि शेखपुरा जिले में इस परियोजना का दायरा 33.08 किलोमीटर है, जिसमें कुल 35 मौजा शामिल हैं। 94.96 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, जिसमें से 82.72 हेक्टेयर भूमि चिन्हित कर ली गई है। सरकार द्वारा रैयतों को भुगतान के लिए 72 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करा दी गई है। सामाजिक कार्यकर्ता विपिन मंडल का कहना है कि यह सड़क अंग्रेजों के समय की बनी हुई थी, जिसे वर्षों से केवल मरम्मत के सहारे चलाया जा रहा था। अब इसे फोर लेन में बदलने से लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। झारखंड जाने में समय की बचत होगी, ईंधन की खपत घटेगी और दोनों राज्यों के बीच व्यापार को नई गति मिलेगी। इस फोर लेन परियोजना के तहत कुल 11 प्रमुख जंक्शन बनाए जाएंगे, जिनमें चेवाड़ा, सिकंदरा, जमुई, मल्लेहपुर, गिद्धौर, झाझा, भैरोगंज, रजवारा, कटोरिया, ककबारा और बांका शामिल हैं। शेखपुरा में एक बाईपास का भी निर्माण प्रस्तावित है, जो श्री गौशाला के समीप से पथरैटा होते हुए लखीसराय मार्ग से जुड़ेगा। अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि औद्योगिक निवेश, पर्यटन और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। बरबीघा से पंजवारा तक का यह कॉरिडोर पूर्वी बिहार की आर्थिक तस्वीर बदलने वाला साबित हो सकता है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *







